सिंगरोली

रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा अभ्यर्थियों को सिखाए गए प्राथमिक चिकित्सा के बारे में

प्राथमिक चिकित्सा का मकसद तीन से पांच मिनिट के गोल्डन समय में किसी भी घायल व्यक्ति की जान बचाना।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा संचालित प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण का कार्यक्रम रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली के चेयरमैन एस डी सिंह के दिशा निर्देशन में सफलता पूर्वक रेडक्रॉस फर्स्ट एड ट्रेनिंग सेंटर बैढन के सभागार में उपस्थित अभ्यर्थियों को प्रदान किया गया । 

प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण सेंट जॉन एंबुलेंस इंडिया के अंतर्गत फर्स्ट एड एग्जामिनर डॉ आर डी द्विवेदी, फर्स्ट एड ट्रेनर डॉ डी के मिश्रा एवं डॉ सुशील सिंह चंदेल एवं पूरी टीम के साथ यह प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण संचालित किया जाता है ।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में फर्स्ट एड ट्रेनर डॉ डी के मिश्रा द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा संचालित किए जा रहे गतिविधियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया इसके उपरांत प्राथमिक चिकित्सा की उत्पत्ति तथा इतिहास के बारे में भूमिका बताते हुए पूरे कार्यशैली के बारे में जानकारी दिया गया । 

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अभ्यर्थियों एवं कंपनी में कार्यरत कर्मियों को प्राथमिक उपचार क्या होता है, इसके उद्देश्य के बारे में बताया गया तथा किसी भी घायल व्यक्ति को प्रतीक उपचार कैसे दिया जा सकता है उसके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया । इसके साथ ही प्राथमिक उपचार से न केवल उसकी जान बचाई जा सकती है बल्कि घायल होने या बीमार पड़ने पर उसके ठीक होने में लगने वाले समय को भी कम किया जा सकता है ।

 प्रशिक्षण का उद्देश्य अभ्यर्थियों को आपात स्थिति/आवश्यकता के दौरान कार्यालय, वर्किंग साइट आदि पर प्राथमिक चिकित्सा करने के लिए सशक्त बनाना है। इसके उद्देश्य, घायल व्यक्ति को कैसे प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाए, इस दौरान हेल्प के लिए कैसे कॉल करें, एवं सीपीआर टेक्नीक के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया गया जिससे किसी भी व्यक्ति को पुनर्जीवित कैसे किया जा सकता है । किसी भी घायल को किस  परिस्थितियों में सी पी आर देना है उसके बारे में विस्तार पूर्वक डम्मी के माध्यम से सीपीआर देने का प्रैक्टिस भी कराया गया । 

प्रशिक्षण के दूसरे दिवस डॉ सुशील सिंह चंदेल द्वारा रिकवरी पोजीशन, मेडिकल इमरजेंसी एवं सर्जिकल इमरजेंसी के बारे में भी बताया गया तथा हड्डी, ज्वाइंट, मसल्स एवं फ्रैक्चर्स के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया 

सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी की चोट एवं अस्थिभंग होने पर उसको कैसे सपोर्ट देना चाहिए, एवं एट शेप बैंडेज, कॉलर बोन टूटने पर कैसे मैनेज करना है, स्प्लिंट्स का उपयोग के बारे में बताया गया ।

इसके साथ ही किसी भी घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर कैसे शिफ्ट करना है ट्रांसपोर्ट टेक्नीक्स एवं लाठी और कंबल के सहारे से स्ट्रेचर बनाने का तरीका तथा फ्रैक्चर मैनेजमेंट के बारे में एवं हार्ट, ब्लड सर्कुलेशन, ब्लीडिंग तथा अन्य विषयों पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किया गया ।

उन्होंने यह भी बताया कि फर्स्ट एड की जानकारी सभी के पास होनी चाहिए ताकि आपात स्थिति में सही निर्णय लेकर किसी की जान बचाई जा सके। थोड़ी सी सतर्कता और प्राथमिक उपचार के सही तरीके जानना बेहद जरूरी है। आपात स्थिति में सही समय पर दी गई फर्स्ट एड किसी की जान बचा सकती है। यह जानना बेहद जरूरी है कि फर्स्ट एड के दौरान कौन से कदम उठाने चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए। फर्स्ट एड दुर्घटना या हादसे के बाद प्राथमिक उपचार होता है, जिसके बाद मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक है।

 फर्स्ट एड की जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। आपातकाल में सही फर्स्ट एड किसी की जान बचा सकती है। सीपीआर और ब्लीडिंग रोकने जैसे बेसिक स्किल्स हर किसी को आने चाहिए।

*फर्स्ट एड देते समय ध्यान रखने वाली बातें*

सही जानकारी और त्वरित निर्णय: आपात स्थिति में सबसे पहले व्यक्ति की हालत जानें। यदि घायल व्यक्ति की सांस,पल्स एवं धड़कन नहीं चल रही है तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू करें ।

*रक्तस्राव (ब्लीडिंग) को रोकें:* अगर घाव से खून बह रहा है, तो साफ कपड़े या पट्टी से घाव को कसकर बांधें और घाव को ऊंचाई पर रखें।

*जलने की स्थिति में:* जलने के बाद प्रभावित हिस्से को ठंडे या नॉर्मल पानी में 10-15 मिनट के लिए रखें। बर्फ या टूथपेस्ट लगाने से बचें।

*हड्डी टूटने पर:* यदि हड्डी टूटने का संदेह हो, तो व्यक्ति को हिलाने की कोशिश न करें। तुरंत मदद के लिए डॉक्टर से संपर्क करें और हड्डी को स्थिर रखें।

*हार्ट अटैक (Heart Attack)*

दिल का दौरा पीड़ित व्यक्ति के लिए बहुत खतरनाक और डरावना हो सकता है। इसलिए, जब तक मदद नहीं मिलती फर्स्ट एड (First Aid)  रोगी की भलाई के लिए महत्वपूर्ण है ।

*CPR क्या है ?*

CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) जीवन को बचने वाला फर्स्ट एड मेथड  है। जिसका प्रयोग इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है, जब रोगी सांस लेना बंद कर देता है या यदि उसका दिल ब्लड पंप करना बंद कर देता है, तो दिमाग के लिए कार्य करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इससे परमानेंट ब्रेन डैमेज या मृत्यु भी हो सकती है। CPR एक प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसके माध्यम से घायल व्यक्ति की जान को बचाया जा सकता है ।

इस पूरे प्रशिक्षण में फर्स्ट एड ट्रेनर के सहयोगी जय प्रकाश दुबे के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया ।

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