सिंगरोली

धान खरीदी केन्द्र झारा मे धान जमीन पर बिखरा पड़ा है, लोग धान की फसल पर थूक रहे हैं, अन्न का अपमान

 सिंगरौली-जिले के सरई तहसील अंतगर्त झारा क्रं.1 धान खरीदी केंद्र इन दिनों किसानों की उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का गवाह बन रहा है। यहां धान की फसल जमीन पर बिखरी हुई है, जिसे देखते ही मन विचलित हो जाता है। यह दृश्य न केवल अन्न के प्रति हमारी असंवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में किसानों की दुर्दशा की ओर भी इशारा करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल को अन्न देवता का दर्जा दिया गया है। इसके बावजूद, झारा के इस केंद्र पर धान की पवित्रता और उसके महत्व को अनदेखा किया जा रहा है। बिखरी हुई फसल पर पैदल चलने वाले लोग लापरवाही से थूक रहे हैं, जो अन्न का सीधा अपमान है। यह स्थिति न केवल हमारी सांस्कृतिक परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि यह उस मेहनत का भी अपमान है जो किसानों ने इन फसलों को उगाने में की है। किसानों का कहना है कि उन्होंने उम्मीद के साथ अपनी उपज केंद्रों पर पहुंचाई थी, लेकिन उन्हें बदले में अपमान और नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह स्थिति प्रशासनिक मशीनरी और समाज के सामूहिक कर्तव्य पर सवाल खड़े करती है। क्या हम अपनी लापरवाही से अन्न का अपमान कर उस किसान की मेहनत को अनदेखा कर सकते हैं, जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे लिए यह फसल उगाई है? समय की मांग है कि ऐसी स्थितियों को जल्द से जल्द सुधारा जाए। प्रशासन को धान की उचित देखभाल और भंडारण की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही, समाज को भी अन्न के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव विकसित करना होगा। यह केवल धान की नहीं, हमारी संस्कृति, परंपरा और किसान की मेहनत का सम्मान है।

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